इंदौर। नमस्कार किसान भाइयों, इंदौर चौहतराम मंडी से आज 23 सितंबर 2025 के ताजा अपडेट लेकर आए हैं। मंडी में आज प्याज की आवक लगभग 3000 कट्टों के आसपास दर्ज की गई। आवक में हल्का उतार-चढ़ाव जरूर रहा, लेकिन मोटे तौर पर आप इसे 3000 कट्टों के बराबर मान सकते हैं।
प्याज का आज का बाजार भाव
नवरात्र के कारण खपत कम होने से लेवाली थोड़ी सुस्त रही। आवक कम होने के बावजूद बाजार सामान्य ही नजर आया। एक्सपोर्ट की बड़ी खबर नहीं है, सिर्फ कुछ गाड़ियां ही बाहर जा रही हैं।
आज इंदौर मंडी में प्याज के भाव क्वालिटी के अनुसार इस प्रकार रहे:
₹1000 क्विंटल: सुपर क्वालिटी प्याज, लगभग 100 कट्टों का लॉट।
₹950 क्विंटल: मोटा और मीडियम गोल्टा माल।
₹875 क्विंटल: चॉकलेटी रंग वाला प्याज।
₹800 क्विंटल: मिक्स क्वालिटी, हल्की पीली पत्ती वाला प्याज।
₹750 क्विंटल: मीडियम और मोटे प्याज का मिश्रण।
₹700 क्विंटल: नीलम वैरायटी प्याज।
₹675 क्विंटल: हल्का माल, पौने 7 रुपए किलो के हिसाब से।
₹500 क्विंटल: छाटन वाला हल्का प्याज, जिसमें डैमेज ज्यादा रहा।
₹400 क्विंटल: सबसे कमजोर क्वालिटी का प्याज, 4 रुपए किलो के हिसाब से।
आज का दिन इंदौर मंडी में प्याज के लिए सामान्य ही रहा। अधिकतर माल 5 से 9 रुपए किलो के दायरे में बिका, जबकि सुपर क्वालिटी प्याज 10 से 11 रुपए किलो तक पहुंचा। नवरात्र के कारण खपत में गिरावट और सुस्त लेवाली का असर साफ दिखाई दिया
हिमाचली लहसुन की चर्चा
किसान भाइयों, आज मंडी में प्याज के साथ-साथ हिमाचली लहसुन भी चर्चा का विषय रहा। यह लहसुन अपनी मजबूती, मोटे पर्दे और चमकदार कलियों के कारण खास पहचान रखता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पौधे की चौड़ी पत्तियां प्रकाश संश्लेषण को बेहतर तरीके से करती हैं, जिससे गांठ अच्छी और भारी बनती है। यही कारण है कि हिमाचली लहसुन से किसानों को देसी और अन्य नई वैरायटियों की तुलना में ज्यादा उत्पादन मिलता है। इसकी फसल लगभग 150 से 155 दिनों में तैयार हो जाती है और मोटे तने के कारण गिरने की समस्या भी नहीं आती। यही वजह है कि बाजार में इसका मूल्य अन्य किस्मों से बेहतर मिलता है।