गांव: रोला, जावरा – 30 और 31 अगस्त को रतलाम जिले के कई इलाकों में जोरदार बारिश हो रही हे जिसके बाद नदी नाले सब उफान पर हे, जावरा-सीतामऊ मार्ग पर गांव रोला के पास मौजूद पिपलौदा रूपनिया डेम से आ रहे नाले के ऊपर अस्थाई मार्ग ( छोटी पुलिया ) पर पानी भरने से हड़कंप मच गया।
यह मार्ग रोला को आसपास के गांव नेतावली, मांडवी, ओर गोंदी धर्मसी से जोड़ता हे जबकि जावरा से सीतामऊ जाने वाला मार्ग भी यही है।
चार साल से ठप पड़ा है पुल का काम
स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल निर्माण का कार्य कई साल पहले शुरू तो हुआ था, लेकिन साल में ज्यादातर समय या तो काम बंद रहता हे या फिर बिलकुल कछुए की रफ्तार से आगे बढ़ता हे नतीजा यह है आवागमन के लिए अस्थायी मार्ग पर निर्भर रहना पड़ता है। ओर इस छोटी पुलिया की ऊंचाई कम होने के कारण जैसे ही बारिश तेज होती है, यह मार्ग पानी में डूब जाता है और वाहनों सहित पैदल यात्रियों की आवाजाही मुश्किल हो जाती है।
ग्रामीणों की मांग – जल्द शुरू हो निर्माण कार्य
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द पुल का निर्माण कार्य शुरू किया जाए, ताकि बरसात के मौसम में उन्हें इस तरह की परेशानी और जान का खतरा न उठाना पड़े।
रोला गांव की यह समस्या सिर्फ एक गांव की नहीं, बल्कि उन हजारो लोगों ओर वाहनों की है जो हर दिन इस मार्ग से गुजरते हैं। अधूरा पड़ा पुल और बरसात के दौरान डूबता अस्थायी मार्ग प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।